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योगी सरकार का बाढ़ पीड़ितों के घावों पर मदद के नाम पर नमक

प्रदेश में चारों तरफ प्रकृति बाढ़ के रूप में अपना कहर बरपा रही है। ऐसे में योगी सरकार की तरफ से जो मदद दी जा रही है वो पीड़ितों के जख्मों पर नमक से कम नहीं है। दरअसल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।

ऐसे में सरकार की तरफ से जो मदद पहुंचायी जा रही है वो सड़ा हुआ खाने का सामान है। लापरवाही का आलम ये है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने सीएम योगी के हाथों से ही ये सड़ी हुई सामग्री बंटवा दी। ऐसे में सरकार की तरफ से दी जाने वाली राहत सामग्री ने उनके घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

सरकार को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है

सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लिया था ऐसे में पीड़ितों को सरकार की तरफ से बेहतर मदद की आस बन गई थी, लेकिन सरकार की तरह से जिस तरह की मदद पहुंचाई गई उससे सरकार को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ितों ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि जो भी राहत सामग्री पहुंचाई गई वो बेहद खराब क्वालिटी की थी।

बाढ़ पीडि़त एक ओर जहां प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे हैं, तो दूसरी ओर वह राहत सामग्री पाने में भी मात खा रहे हैं। दरअसल बाढ़ पीडि़तों में बांटी जाने वाली राहत सामग्री भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।

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राहत सामग्री की घटिया क्वालिटी और घटतौली की शिकायत लेकर ग्रामीण आए दिन हंगामा करते थे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की आंखें नहीं खुलीं और आज तो हद तब हो गई जब अधिकारियों में सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों से जो राहत सामग्री बंटवाई वह बेहद घटिया क्वालिटी की थी।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की घाघरा नदी में बाढ़ के कारण तराई इलाकों में कोहराम मच है और लोग अपने घरों से पलायन करने के लिए मजूबर हो गए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने भी बाढ़ पीड़ितों के साथ गंदा मजाक किया है।

आदित्यनाथ के हाथ से ही घटिया राहत सामग्री बंटवा दी

प्रशासन उनके जख्मों पर मरहम लगाने के बजाए उल्‍टा नमक रगड़ने का काम कर रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पीड़ित लोग लगातार राहत सामग्री को लेकर तमाम आरोप लगा रहे हैं। पीड़ितों के आरोपों पर आज मुहर तब लग गई जब आला अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथ से ही घटिया राहत सामग्री बंटवा दी।

मदद के नाम पर मजाक

दरअसल सीएम योगी आज प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे थे। इसी दौरान वह बाराबंकी आए और उन्होंने बाढ़ से पीड़ित लोगों को राहत सामग्री भी बांटी लेकिन राहत सामग्री में जो चीजें हैं वे बाढ़ पीड़ितों के साथ किसी मजाक से कम नहीं।

राहत सामग्री बिलकुल सड़ चुकी है और बदबू मार रहा है। इसके अलावा राहत सामग्री के अंदर का और भी तमाम सामान बेहद घटिया क्वालिटी का है।बाढ़ पीड़ित लोगों को उम्मीद थी कि आज सीएम योगी के हाथों उनको जो राहत सामग्री मिलेगी उससे उनका और उनके परिवार का पेट भर सकेगा, लेकिन बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उनके साथ एक बार फिर मजाक किया गया है।

राहत सामग्री के साथ मिला आलू एकदम सड़ा है और खाने के लायक नहीं है। इसके अलावा और भी दूसरे जो सामान पैकेट में हैं वह भी एकदम घटिया क्वालिटी के हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि उनको मिली राहत सामग्री में काफी सामान गायब भी है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि प्रशासन ने सीएम और पीएम की फोटो लगाकर योगी आदित्यनाथ के हाथों से राहत सामग्री तो बंटवा दी, लेकिन उसमें हुई धांधली पर क्या मुख्यमंत्री या अधिकारी कोई एक्शन लेंगे?

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