ट्विटर पर लाल-पीला क्यों हुआ भारत और नाइजीरिया

ट्विटर को भारत ने हड़काया, नाइजीरिया ने किया बैन

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यूज़र्स के ट्वीट और अकाउंट हटाने-मिटाने के कारण सुर्खियों में रहने वाली अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग और सोशल नेटवर्किंग सेवा ट्विटर फिर सुर्खियों में है. इस बार मामला भारत में ब्लू टिक हटाने और उसे फिर से लगाने जबकि नाइजीरिया में एक वीआईपी अकाउंट को डिलीट करने से जुड़ा है.

ट्विटर का जोड़-घटाना

सोशल सर्विस ट्विटर पर भारत के उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के एकाउंट में खास पहचान वाला ब्लू टिक अब फिर नजर आने लगा है. आपको बता दें इसके पहले ट्विटर ने भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था. ब्लू टिक न दिखने पर बवाल बढ़ा तो ट्विटर ने फिर से ब्लू टिक दर्शाना शुरू कर दिया.

आईटी मिनिस्ट्री सख्त

सूत्रों के मुताबिक आईटी मिनिस्ट्री ने इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए कड़ी कार्रवाई की ओर इशारा किया था. इसके बाद ट्विटर ने अपनी भूल में सुधार करते हुए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट को सत्यापित करने वाला ब्लू टिक फिर लगा दिया.

संघ के कई नेता भी जद में

ट्विटर ने उप राष्ट्रपति समेत संघ के भी कई नेताओं के ट्विटर हैंडल से सत्यापित करने वाले ब्लू टिक को हटाया तो इन हस्तियों के अकाउंट अनवेरीफाइड नजर आने लगे.

ट्विटर का कहना

जब मामले ने तूल पकड़ा तो हमेशा की तरह ट्विटर की सफाई भी सामने आ गई. ट्विटर ने अपनी सफाई में कहा कि; लंबे अर्से से अकाउंट में लॉग इन नहीं करने की वजह से उसने यह कदम उठाया.

ट्विटर के प्रवक्ता के मुताबिक ट्विटर अकाउंट जुलाई 2020 से संचालित नहीं है. ऐसे में हमारी सत्यापन नीति के मुताबिक अकाउंट के इनएक्टिवेट होने की स्थिति में ट्विटर ब्लू टिक और वेरिफाइड स्टेटस को हटा सकता है.

बढ़ सकता है टकराव –

गौरतलब है कि; पिछले कुछ दिनों से ट्विटर अपने यूज़र्स के खातों और ट्वीट के बारे में काफी सख्ती बरत रहा है. भले ही ट्विटर ने कार्रवाई का कारण और अपनी मंशा स्पष्ट कर दी हो लेकिन उप राष्ट्रपति और आरएसएस के नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटाने का मामला अब तूल भी पकड़ सकता है.

इससे पहले भी ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है. अब ऐसे में ट्विटर की ताजा कार्रवाई से दोनों के बीच खाई और चौड़ी हो सकती है.

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संघ के इन नेताओं के नाम

वाइस प्रेसिडेंट के पर्सनल अकाउंट के अलावा राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के जिन नेताओं पर ट्विटर की कार्रवाई की गाज गिरी है उनमें कई बड़़े नाम शामिल हैं.

ट्विटर ने जिन अकाउंट्स को अनवेरीफाइड किया है उसमें आरएसएस के सह कार्यवाहक सुरेश सोनी, सर कार्यवाह सुरेश जोशी का नाम खास माना जा रहा है.

आपको बता दें, उप राष्ट्रपति के जिस अकाउंट पर कार्रवाई की बात हो रही है वह उनका निजी अकाउंट है जबकि उनके ऑफिशियल एकाउंट में ब्लू टिक से छेड़छाड़ नहीं हुई.

ब्लू टिक के मायने

आपको बता दें ट्विटर के किसी अकाउंट पर नजर आने वाले ब्लू टिक से यह बात प्रमाणित होती है कि संबंधित अकाउंट किसी वेरिफाइड व्यक्ति अथवा किसी संस्था का है. नीले रंग के इस चिह्न के कारण लोगों को संबंधित लोगों का पता लगाने में आसानी होती है. साथ ही इस चिह्न के कारण फेक अकाउंट चलाने वालों की भी कलई खुल जाती है.

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नाइजीरिया में बैन

बात करते हैं नाइजीरिया की, जहां ट्विटर ने दो दिन पहले नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी के आधिकारिक अकाउंट को जब डिलीट किया तो नाइजीरिया में ट्विटर को ही बैन कर दिया गया.

नाइजीरियाई राष्ट्रपति का अकाउंट डिलीट करने पर ट्विटर की दलील थी कि; राष्ट्रपति बुहारी ने ट्विटर के नियमों की अवहेलना की है.

जिस ट्वीट का ट्विटर ने हवाला दिया उसमें राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी ने नाइजीरिया के दक्षिण-पूर्व में जारी हिंसा का जिक्र करते हुए ‘देश में सिविल वार’ की बात कही थी.

राष्ट्रपति के ‘सिविल वार’ वाले ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए ट्विटर ने जब उनका अकाउंट डिलीट किया तो राष्ट्रपति ने भी नाइजीरिया में ट्विटर को ही बैन करवा दिया.

अपने घर में ही रुसवाई

इस खबर के सामने आने के बाद ट्विटर पर यूज़र्स ने तरह-तरह की राय रखी है. एक तरह से ट्विटर को अपने ही घर में लोगों के ताने सुनने पड़े हैं. अब इस ताजा तरीन मामले में यूज़र्स पूछ रहे हैं कि नाइजीरिया के राष्ट्रपति का अकाउंट ट्विटर ने इसलिए डिलीट किया क्योंकि उन्होंने प्लेटफॉर्म की नीतियों से परे जाकर कुछ कहा, लेकिन भारत के उप राष्ट्रपति ने तो कुछ भी नहीं कहा फिर उन पर कार्रवाई क्यों की गई?

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