अधीर रंजन ने लोकसभा में क्‍या गलत कहा?

सुधीर गणोरकर

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत अपने विचार रखते हुए पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के सांसद श्री अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में जो बातें कहीं उनमें से प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी को अगर निकाल दिया जाय तो उनकी बात काफी हद तक उचित ही है। पहली बार किसी कांग्रेस नेता ने इंदिरा जी, नेहरू जी, राजीव जी, राहुल जी व सोनिया जी से इतर कांग्रेस पार्टी के देश हित में किए गए कार्यों का जिक्र किया।

“शिक्षा के अधिकार” का भी उन्होंने जिक्र किया हालांकि गांधी खानदान के कुछ लोगों का जिक्र न करना राहुल – सोनिया जी को हो सकता है नागवार लगा हो लेकिन राहुल – सोनिया जी तो कांग्रेस पार्टी की बजाय हमेशा गांधी खानदान को ही तरजीह देते रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस में कई ऐसी हस्तियां थीं जिन्होंने देश और समाज की तरक्की के लिए कार्य किये। ऐसा नहीं है कि देश ने 2014 से पहले तरक्की नहीं की, भाजपा नेताओं का ये दावा करना भी गलत है कि देश पांच – छह साल में ही विकसित हुआ है। आज़ादी के बाद के 70 सालों में देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। सभी सरकारों ने इसमें योगदान दिया है।

देश की सबसे पुरानी पार्टी “कांग्रेस” के कर्णधारों ( गांधी परिवार) की सरपरस्ती में हुए घोटालों एवं अन्य जनविरोधी कार्यों के कारण इस पार्टी की जो आज गति है वह आज से 20-25 साल पहले नहीं थी। पार्टी में आज भी कई ऐसे नेता हैं जिन्हें जनता सम्मान की नजरों से देखती है।

इसलिए अगर पार्टी को फिर से अपना पुराना रुतबा कायम करना है तो साफ-सुथरी छवि वाले पूर्व प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिंह को पार्टी की बागडोर सौंप देनी चाहिए। उनका पार्टी में कोई विरोध भी नहीं करेगा।

(ये लेखक के निजी विचार हैं)