सपाईयों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां | Banaras Bulletin

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सपाईयों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन
पुलिस ने 45 कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार

केंद्र सरकार की नीतियों और प्रदेश में बढ़ रहे अपराध के खिलाफ सोमवार को जिलामुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे सपाइयों पर वाराणसी पुलिस ने जमकर लाठी बरसायी।शान्ति से सपाइयों को हटाने का प्रयास कर रहे एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी औरपांच थानों की फ़ोर्स ने लाठी चलाने के बाद 45 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गयाहै। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात है। सपाई सरकार की नीतियों के खिलाफ सपा कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह से ही इकठ्ठा होना शुरू हो गए थे।

मठ पर कब्जे को लेकर भिड़े दो पक्ष
खूब चटकी लाठियां-चले पत्थर
महिलाएं भी आपस में भिड़ी

वाराणसी के अस्सी इलाके में एक मठ पर कब्जे को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी हुई। लगभग आधे-घंटे तक मारपीट चलती रही। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। पुलिस के मुताबिक अस्सी स्थित शीतलदास अखाड़े में कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में लंबित है। इसी बीच सोमवार की सुबह एक पक्ष मौके पर पहुंचा और उसने निर्माण कार्य शुरु कर दिया। भनक लगते ही दूसरा पक्ष भी मौके पर पहुंच गया। कुछ देर के विवाद के बाद दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर एक दूसरे पर टूट पड़े। महिलाएं भी आपस में लड़ती हुई दिखी। दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। मारपीट की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

बीएचयू के बाहर छात्रों का प्रदर्शन
सरकारी नौकरी में संविदा सिस्टम का विरोध
पुलिस से हुई हल्की झड़प

सरकारी नौकरी में 5 साल संविदा पर भर्ती को लेकर छात्रों का आन्दोलन बढ़ता जा रहा है। यूपी सरकार के इस सम्भावित फैसले को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने काशी हिन्दू यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने धरना भी दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को हटाने की कोशिश की। छात्रों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई।

विश्वकर्मा पूजा छुट्टी के लिए सामूहिक मुंडन
सरकार की हठधर्मिता का किया विरोध किया
17 सितम्बर को है विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा पर अवकाश खत्म करने के खिलाफ लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ विश्वकर्मा समाज के लोगों ने सामूहिक मुण्डन कराया। लोगों का कहना था की जब तक सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की बात करने वाली सरकार जातीय आधार पर देवी देवताओं को बांटकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भेदभाव और आघात कर रही है तथा विश्वकर्मा पूजा पर्व की पौराणिक परंपरा संस्कृति और उसकी पहचान खत्म करना चाहती है। देव शिल्पी विश्वकर्मा देशभर में फैले करोड़ों विश्वकर्मा वंशीयो के स्वाभिमान गौरव और सामाजिक पहचान हैं। उन्होंने कहा भाजपा सरकार द्वारा विश्वकर्मा पूजा पर्व का अवकाश रद्द किया जाना गंभीर राजनैतिक षडयंत्र है ज्ञात हो कि 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्म दिवस है, श्री नरेंद्र मोदी देश में एक बड़े आदर्श महापुरुष के रूप में याद किए जाएं इसलिए सरकार विश्वकर्मा पूजा पर्व के दिवस की महत्ता को गौड़ और विलुप्त करने का बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि विश्वकर्मा पूजा पर्व का अवकाश घोषित करने के साथ ही देश भर में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भगवान विश्वकर्मा के सम्मान में उनके नाम पर भी सरकार द्वारा कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए और कला, शिल्प, तकनीकी, विज्ञान, इंजीनियरिंग आदि क्षेत्र में विशिष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना चाहिए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीकांत विश्वकर्मा डॉ प्रमोद कुमार विश्वकर्मा नंद लाल विश्वकर्मा चंद्रशेखर विश्वकर्मा सुरेश विश्वकर्मा एडवोकेट श्याम बिहारी विश्वकर्मा रमेश विश्वकर्मा राम किशुन विश्वकर्मा लोचन विश्वकर्मा सुरेश विश्वकर्मा दीनदयाल विश्वकर्मा कालिका विश्वकर्मा अजय विश्वकर्मा राहुल विश्वकर्मा संजय बागी चौधरी विश्वकर्मा अशोक विश्वकर्मा पड़ाव राजवंश विश्वकर्मा कमलेश विश्वकर्मा पड़ाव विजयलक्ष्मी विश्वकर्मा हेमंत विश्वकर्मा सुरेंद्र विश्वकर्मा महेंद्र विश्वकर्मा राजेंद्र विश्वकर्मा श्याम लाल विश्वकर्मा कमलेश विश्वकर्मा लाल बिहारी विश्वकर्मा डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा मुन्ना लाल विश्वकर्मा गोलू विश्वकर्मा रोहित विश्वकर्मा पिंटू विश्वकर्मा राम लखन विश्वकर्मा रणजीत विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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