समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संरक्षक शिवपाल यादव

‘माया’ के घर में शिवपाल का गृह प्रवेश

समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संरक्षक शिवपाल यादव ने बुधवार को अपने नए कार्यालय में प्रवेश कर लिया है। शिवपाल यादव ने आज नवरात्री के अष्टमी की पूजा के बाद मायावती के बंगला 6 लाल बहादुर शास्त्री में गृह प्रवेश कर लिया।

shivpal yadav

 6एलबीएस में समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। अब से शिवपाल यादव नए कार्यालय से ही सेक्युरल मोर्चा का कार्यभार संभालेंगे।

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शिवपाल यादव ने कहा कि पूजा पाठ के बाद हमने आज नए कार्यालय में काम शुरु कर दिया है कल से इसी कार्यालय से पार्टी का काम होगा। शिवपाल यादव ने कहा कि हमसे मिलने के लिए काफी लोगों की भीड़ लगी रहती है इससे आने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती थी। इस बंगले में पार्टा का कार्यालय होने से हमे सुविधा होगी। अब नए कार्यालय से जन विरोधी सरकारों के खिलाफ काम करेंगे।

आपको बता दे  शिवपाल यादव को योगी सरकार की तरफ से मायावती का 6 एलबीएस बंगला अलॉट किया था। शिवपाल यादव को बसपा सुप्रीमो मायावती का महल यानि बंगला इनाम में दे दिया और सुरक्षा में जेड प्लस सिक्‍योरिटी भी दी गई है।

6एलबीएस वाला बंगला आवंटित कर दिया गया था

कुल मिलाकर ऐसा लग रहा है कि शिवपाल यादव को भतीजे अखिलेश यादव के खिलाफ बोलने का एक के बाद एक इनाम मिल रहा है। यूपी में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के अलावा बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती को ही जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है। शुक्रवार को शिवपाल को मायावती का 6एलबीएस वाला बंगला आवंटित कर दिया गया था।

अब से मायावती के बंगले में सपा के संरक्षक शिवपाल यादव रहेंगे। यह बंगला हाल ही में  आवंटित कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने बंगले का निरीक्षण किया था

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगला खाली करने के आदेश दिए थे। उसके बाद ही मायावती से यह बंगला खाली कराया गया था।

आशियाना बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था

इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अच्छा खासा घमासान मच गया था। बसपा सुप्रीमो ने मॉल एवेन्यू 13 स्थित अपना आशियाना बचाने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद मायावती की मंशा शायद बंगला छोड़ने की नहीं थी, इसलिए उन्होंने बंगले का नाम बदलकर कांशीराम विश्रामालय का बोर्ड लगा दिया था।

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