अच्छा, तो ये है स्मॉग और वायु प्रदूषण की असल वजह…

इन दिनों देश में लोग प्रदूषण को मेरा प्रदूषण और तेरा प्रदूषण लगा रहे हैं। लेकिन क्या हमने सोचा हैं कि यह प्रदूषण हम सब की देन है। पूरे देश में इन दिनों एक ही चर्चा चल रहीं है, वो हैं प्रदूषण। चोरों तरफ लोग स्मॉग और ऑड इवन को दोष दे रहे है। सभी अपनी अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे है। सरकारें गहरी नींद में सो रहीं है। प्रदूषण में काफी हद तक हम और आप दोषी है। लेकिन इसकी असल वजह क्या हैं ये किसी को नहीं पता हैं। चलिये आपकों बताते है क्या हैं इसकी असल वजह।

इलेक्ट्रनिक कचरे में देश में पांचवें नम्बर पर है

इंटरपोल ने पिछले साल एक पत्र लिख कर बताया था कि दिल्ली में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह ई वेस्ट है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया था। ये खबर गहरी नींद में सो रही सरकार और लोंगो की नींद उड़ा देगा। किसी का भी ध्यान इलेक्ट्रानिक कचरे पर नहीं गया । आपको बता दे कि भारत इलेक्ट्रनिक कचरे में देश में पांचवें नम्बर पर है।

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भारत में सिर्फ 2 प्रतिशत ई कचरा ही हर साल रिसाईकल किया जाता है। क्या हैं ई वेस्ट ईवेस्ट यानि इलेक्ट्रिक कचरे जैसे कम्प्यूटर, मॉनीटर, मदरबोर्ड, कैथेड रे ट्यूब, फ्रिज, प्लाज्मा टीवी और लेड आदि आता है। इसको जलाने के बाद इसमें से निकलने वाला धुएं में हवा और पानी को न सिर्फ दूषित करता है बल्कि जहरीला भी बना देती है पिछले साल यानि 2016 में भारत में 18 लाख मेट्रिक टन से अधिक ई वेस्ट पैदा हुआ है।

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जो दुनिया के कुल ई वेस्ट का 12 प्रतिशत था। इस कचरे में एक हजार से अधिक जहरीली गैस निकलती है। जो पर्यावरण में शामिल होकर जमीन हवा और पानी में नुकसान पहुंचाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक गाजियाबाद नोयडा सहित कई इलाकों में गैरकानूनी तारिके से ई वेस्ट जलाया जाता हैं। इस कचरे से निकलने वाले धुएं में मौजूद जहरीली गैंसों से लोगो को सर दर्द, उल्टियां और आंखों की बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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देश की सबसे बड़ी समस्या ये हैं कि इसे रिसाईकिल किये जाने के कोई साधन नहीं है। जबकि दुनिया में सबसे सस्ते और मोबाईल और लैपटॉप भारत में ही खरीदे औऱ बेचे जाते है। इसी के कारण देश में ईवेस्ट में देश में पांचवें नम्बर पर हैं। इस लिए ही बड़ी मात्रा में इसे जलाया जाता है।

दिल्ली को ही नहीं देश को सांस लेना दूभर हो जायेगा

जिसके चलते जो लोग लोग स्मोकिंग नहीं करते है फिर भी उन्हे कैंसर और कई बीमरियां भी हो जाती हैं। अगर जल्द ही ईवेस्ट को रिसाईकिल करने के इंतजाम नहीं किये गये तो इससे दिल्ली को ही नहीं देश को सांस लेना दूभर हो जायेगा।

(साभार जी न्यूज और यूट्यूब)

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