महज 300 रुपये के लिए चोरी करते थे कफन, पकड़े गये

0 238

पैसे के लिए इंसान कितना गिर सकता है इसका अंदाजा प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस के हत्‍थे चढ़े गिरोह की कारगुजारियों को देख कर लगाया जा सकता है. बागपत की पुलिस ने एक ऐसे कफन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लाशों के कफन चुरा कर उसे फिर से बेचने का धंधा करते थे. पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से बड़ी संख्‍या में मुर्दों पर से उतारे गये कफन और दूसरे कपड़े बरामद हुए है.

उतारे गये कफन को फिर से बेच देते

इस पूरे मामले का खुलासा बागपत जिले के बड़ौत कोतवाली पुलिस ने किया है. जानकारी के अनुसार ये गिरोह शहर और आसपास के श्‍मशान और कब्रिस्‍तान में आये मुर्दों के कफन उतार कर उसे रिपैकिंग कर फिर से बेच देते थे. कफन चोरों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे लोग शव को ओढाई गयी सफेद चादरें, साड़ियां और मरने वाले के जो कपड़े घर वाले श्मशान लेकर जाते थे, उन्हें चुरा लेते थे. बागपत ज़िले के बड़ौत कस्बे के कुछ कपड़ा व्यापारियों ने कफन चोरों से व्यापारिक डील कर रखी थी.

यह भी पढ़ें : Dark Chocolate के हैं इतने फायदे, सुनकर हो जाएंगे हैरान

कफन चोरी के बदले मिलते थे 300 रुपये

 इन्हें एक दिन की चोरी के एवज में 300 रुपये मिलते थे. कफन व अन्‍य कपड़ों को रिपैक करने से पहले उन्‍हें प्रेस किया जाता था और फिर उन पर ग्वालियर की किसी कंपनी का मार्क लगाकर बाजार में बेच दिया जाता था. सीओ बड़ौत आलोक सिंह के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर गैंग को पकड़ा और इस पूरे मामले का खुलासा किया. पुलिस ने मास्‍टरमाइरंड सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

यह भी पढ़ें : कोरोना: वैक्‍सीन वार में  ‘सीनोफार्म’ भी शामिल, डब्‍ल्‍यूएचओ ने दी मंजूरी

दस साल से कर रहे कफन चोरी का धंधा

कफन चोरों के पास से 520 सफेद चादरें,127 सफेद कुर्ते, 52 सफेद साड़ियां और दूसरे कपड़े बरामद हुए हैं. जानकारी के अनुसार पकड़े गए 3 लोग एक ही परिवार के हैं. पुलिस के मुताबिक इन्होंने बताया है कि यह लोग पिछले दस साल से कफन चोरी के कारोबार से जुड़े हुए हैं. लेकिन चूंकि यह लोग कोरोना महामारी के दौरान यह काम कर रहे हैं इसलिए पुलिस ने इनके ऊपर चोरी की दफ़ाओं के साथ साथ महामारी अधिनियम भी लगा कर जेल भेजा है.

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। अगर आप डेलीहंट या शेयरचैट इस्तेमाल करते हैं तो हमसे जुड़ें।)

Comments

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More