सीबीआई का एलर्ट-मोबाइल में आ रहा खतरनाक वायरस

मोबाइल में खतरनाक मैलवेयर (वायरस) 'Cerberus' आ रहा

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नयी दिल्ली: मोबाइल में खतरनाक मैलवेयर (वायरस) ‘Cerberus’ आ रहा है। यह हजारों मोबाइल को बेकार कर सकता है। साथ ही यह चुपके से इन्स्टाल होकर आपकी गोपनीय जानकारियां व बैंक डिटेल चुराकर पैसे की डकैती कर सकता है। यह वायरस अत्यंत खतरनाक है। लिंक आते ही क्लिक करने की भूल न करें। ऐसा होते ही आपका सारा डेटा सुदूर स्थित सर्वर पर पहुंच जायेगा और आपका पूरा का पूरा पैसा गायब हो जायेगा।

अलर्ट रहिये, सुखी रहिये

सीबीआई ने मोबाइल यूजर्स के साथ ही राज्यों की पुलिस को खतरनाक मैलवेयर (वायरस) ‘Cerberus’ से अलर्ट रहने को कहा है। बताया जा रहा है कि यह वायरस फोन में पहुंच के यूजर्स के पर्सनल डेटा के साथ ही सेंसिटिव बैंकिंग डीटेल्स की भी चोरी कर लेता है।

बड़ा खतरा मंडरा रहा

स्मार्टफोन यूजर्स के ऊपर एक बार फिर से बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को देशभर में अलर्ट जारी करना पड़ा है। सीबीआई ने इस अलर्ट में राज्यों की पुलिस और कानूनी संस्थाओं को एक मैलवेयर (वायरस) पर नजर रखने के लिए कहा है। यह खतरनाक मैलवेयर खुद को कोरोना वायरस अपडेट से जुड़ा बताता है।

हो रहा हैकिंग का खेल

मंगलवार को सीबीआई ने एक बयान में कहा उसे इंटरपोल से कुछ इनपुट्स मिले हैं, जिनके आधार पर बैंकिग ट्रोजन ‘Cerberus’ को लेकर अलर्ट जारी करना पड़ा है। इस वायरस के काम करने के तरीके को समझाते हुए सीबीआई ने कहा कि ‘Cerberus’ कोरोना वायरस महामारी का गलत फायदा उठाते हुए यूजर्स को फर्जी एसएमएस भेजता है।

लिंक पर क्लिक करते ही इंस्टॉल

आजकल यूजर कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए ऑनलाइन आर्टिकल्स और रिसर्च पेपर्स को काफी ज्यादा पढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के प्रति डर और उत्सुकता को देखते हुए हैकर्स यूजर्स को टेक्स्ट मेसेज के जरिए एक लिंक भेज कर रहे हैं। इस लिंक में कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी देने की बात कही जाती है। हैकर्स की इस चाल से अनजान यूजर लिंक पर क्लिक कर देते हैं और खतरनाक मैलवेयर फोन में इंस्टॉल हो जाता है।

रिमोट सर्वर पर डेटा

एक्सपर्ट्स और ब्लॉगर्स ने ‘Cerberus’ के खतरनाक बताते हुए यूजर्स को इससे सावधान रहने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि एक बार अगर यह फोन में इंस्टॉल हो गया तो यह काफी ज्यादा डेटा की चोरी कर सकता है। ऐसे में यूजर्स के पर्सनल डेटा के साथ ही दूसरे सेंसिटिव डेटा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हैकर्स इस डेटा को चुराकर सारी जानकारी किसी रिमोट सर्वर पर भेज देते हैं।

पैसे चोरी होने का डर

सीबीआई की मानें तो ‘Cerberus’ यूजर्स के बैंकिंग डीटेल्स की सेफ्टी के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। सीबीआई ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘यह ट्रोजन यूजर के फाइनैंशल डेटा जैसे क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर और दूसरे डीटेल्स को चुराने पर फोकस करता है। इसके अलावा यह बड़ी चालाकी से यूजर्स को अपने जाल में फंसा कर पर्सनल इन्फर्मेशन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन डीटेल्स को ऐक्सेस कर लेता है।’

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-Adv-

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