भाजपा के लिए क्यों खास हैं एके पटेल और चंदूपाटिया जंगा रेड्डी ?

भारतीय जनता पार्टी आज अपना स्थापना दिवस मना रही है.

0 167

भारतीय जनता पार्टी आज अपना स्थापना दिवस मना रही है. भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में किया गया. तब से अब तक भाजपा ने 41 साल का सफर पूरा किया है. खास ये है कि तकरीबन चार दशक की उम्र को पूरा करते करते बीजेपी जहां कभी सिर्फ दो सीटों पर काबिज थी वहीं आज उसके 303 सांसद लोकसभा में अपनी विजय पताका लहरा रहे हैं. पर क्या आपको पता है कि भाजपा की पहली दो सीट कौन सी थी और किसने जीती थी?

मेहसाणा और हनामकोंडा सीट पर मिली थी जीत

अटल बिहारी बाजपेयी भाजपा के पहले अध्यक्ष चुने गये थे. लालकृष्ण आडवानी, मुरलीमनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, लालजी टंडन, सुषमा स्वराज जैसे नाम पार्टी के बड़े चेहरे थे. जिसमें आडवानी का नाम बाजपेयी के बाद सबसे बड़ा था. पर खास ये रहा कि 1984 में जब कमल के फूल के निशान पर पहली बार चुनाव लड़ा गया तो बीजेपी के इन तमाम चेहरों में से कोई भी नाम जीतने वालों में नहीं था. बीजेपी ने मात्र दो सीटों पर विजय हासिल की थी. भाजपा ने जिन दो सीटों पर जीत का परचम लहराया था उनमें से एक गुजरात की मेहसाणा और दूसरी आंध्र प्रदेश की हनामकोंडा सीट थी. मेहसाणा में भाजपा के एके पटेल ने बाजी मारी थी वहीं हनामकोंडा सीट की बात करें तो यहां से 1984 में भाजपा के चंदूपाटिया जंगा रेड्डी के सिर जीत का ताज सजा था.

चुनाव दर चुनाव बढ़ती गयी सीट

1984 में हुए चुनावों के बाद से बीजेपी का सीट जीतने का क्रम लगातार बढ़ता गया. पार्टी गठन के तकरीबन नौ साल बाद 1989 में हुए आम चुनाव में बीजेपी ने 1984 के दो सीटों के मुकाबले 83 सीटों की बढ़त हासिल की और इस तरह नौवीं लोकसभा में उसके सीटों की संख्या 85 हो गयी. 1991 में हुए आम चुनाव में बीजेपी के सीटों की संख्या बढ़ कर 120 हो गयी. उसके बाद 1996 में आम चुनाव हुए जिसमें बीजेपी को 161 सीटें हासिल हुई.

यह भी पढ़ें- BJP Foundation Day: वो चेहरे जिन्होंने बीजेपी के सफर को शून्य से शिखर तक पहुंचाया

1998 में महज दो साल के अंदर फिर से चुनाव हुए जिसमें बीजेपी को 182 सीटें मिलीं. 1999 में फिर से चुनाव की नौबत आयी और बीजेपी 183 पर काबिज हुई. उसके बाद 2004 में 186 सीटें मिली. 2009 के चुनाव में बीजेपी के चढ़ान को थोड़ा ब्रेक लगा और उसे महज 116 सीट पर संतोष करना पड़ा. उसके बाद तो नरेन्द्र मोदी के युग की शुरुआत हुई और 2014 में भाजपा ने 282 सीट के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी. 2019 में बीजेपी की सीट बढ़कर 303 सीट हो गयी.

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। अगर आप डेलीहंट या शेयरचैट इस्तेमाल करते हैं तो हमसे जुड़ें।)

Comments

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More