Ex पीएम के पत्र के बाद हेल्थ मिनिस्टर Dr हर्षवर्धन के ट्वीट पर जर्नलिस्ट्स की क्या है राय?

किसी को रास आया तो किसी ने दिल से हड़काया!

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भारत में अपनी दूसरी पारी में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस के दौरान भारत के छोटे-बड़े, छुटभैया से लेकर संभ्रांत पत्रकार तक सोशल और कुछ कथित स्थापित मीडिया के जरिये संक्रामक विषय पर अति सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

इस बीच भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को सोशल मीडिया ट्विटर के जरिये दिये गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह के जवाब पर जर्नलिस्ट्स के बीच बयानबाजी का नया दौर देखा जा रहा है। कोरोना पर किसकी क्या है राय? जानिये मुद्दे को और रखिये अपनी सार्थक राय जर्नलिस्ट कैफे पर ….

डॉक्टरों को सलाम –

खुद को ’मानवतावाद में यकीन करने वाला, न्यूज़मैन, टीवी एंकर, लेखक, स्तंभकार, पिता, दोस्त से भी सर्वोपरि देश का नागरिक बताने वाले राजदीप सरदेसाई के ट्वीट को कई यूज़र्स का समर्थन मिला है।

सरदेसाई ने वडोदरा में नौकरी पर लौटने वाले उन डॉक्टरों का जिक्र ट्वीट में करते हुए जो अपनी माता की अंत्येष्टि कर लौटे थे उनको सच्चा योद्धा और रोल मॉडल बताया है साथ ही उनके जज्बे को सलाम किया है।

इंश्योरेंस कवर का मुद्दा –

सरदेसाई के इस ट्वीट के जवाब में बिस्मय महापात्रा ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर का हवाला देकर सवाल पूछा है कि मुद्दा यह है : कि @IndiaToday कितना बेशर्म है, क्या आप इसे कवर करेंगे? दरअसल बिस्मय ने जो खबर लिंक की है उसमें दर्ज है कि केंद्र ने हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए इंश्योरेंस कवर वापस ले लिया जो कोविड ड्यूटी में लगे हुए हैं।

जमकर बरसने वाली के हाल –

“बरखा रानी जमकर बरसती है।“ यह मेरी राय नहीं खुद बरखा दत्त ने ट्विटर पर अपनी पहचान के बारे में यही दर्ज किया हुआ है। इन्होंने भी ट्विटर के मंच पर अपनी रिपोर्ट बताते हुए लिखा है कि आप जानते हैं कि ऑक्सीजन की कमी का क्या मतलब है। हालांकि यूजर्स ने वीडियो को पुराना करार दिया है।

कोरोना की विकरालता बताने जर्नलिस्ट बरखा दत्त ने सोशल मीडिया पर जारी की थी यह तस्वीर।

फिर बरखा की हुई खिंचाई –

पतंजलि योगपीठ के आंकड़े –

पत्रकार अजीत सिंह ने हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की विज्ञप्ति के हवाले से पतंजलि योगपीठ में कोरोना की स्थिति की जानकारी देते हुए सावधान रहने और डॉक्टरों की सलाह का पालन करने की ताकीद दी है। लोगों ने इस बारे में क्या कुछ कहा लिंक पर आप भी पढ़ लीजिये।

टीवी जर्नलिस्ट कापरी का रीट्वीट –

पूर्व टीवी जर्नलिस्ट एवं अवार्ड विनिंग फिल्म मेकर विनोद कापरी ने प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए भाजपा नेता के द्वारा रेमडेसिविर दवाई की जमाखोरी को उजागर किया है।

ट्वीट ऑफ द डे –

जर्नलिस्ट धन्य राजेंद्रन का ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर धमाल मचा रहा है। आलम यह है कि ट्वीट को रीट्वीट करने वालों के रीट्वीट भी रीट्वीट हो रहे हैं। दरअसल धन्य राजेंद्रन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के पत्र को अटैच कर ट्वीट किया था हाऊ टू बी ए ट्रोल।

दरअसल जिस पत्र को संलग्न किया गया है उसमें डॉ. हर्षवर्धन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को नसीहत देते नजर आ रहे हैं।

आपको बता दें पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टीकाकरण के प्रयासों को तेजी लाने की सलाह के साथ ही COVID-19 की दूसरी लहर से लड़ने के बारे में सुझाव दिये थे।

वर्तमान पीएम को लिख गए पूर्व पीएम के इस पत्र के जवाब में डॉ. हर्षवर्धन का तंज लोगों को रास नहीं आ रहा है, जवाब में लोगों ने जो लिखा है जरा दृष्टि डालिये। हालांकि कुछ ने उनका (हर्षवर्धन) समर्थन भी किया है।

ट्विटर-ट्विटर कितना जायज?

स्थितियों से स्पष्ट है कि जानलेवा साबित हो रही कोरोना वायरस डिजीज 19 महामारी से लड़ने किये जा रहे सरकार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में निदान के बजाय वरिष्ठ मंत्रियों का ट्विटर-ट्विटर खेलना कितना जायज है? फिलहाल यह यक्ष प्रश्न है!

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Article by Neelesh Singh Thakur for Journalist Cafe.
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