वाराणसी: खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा | Banaras Bulletin

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डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त
प्रतिमा तोड़ने से गुस्से में इलाके के लोग
गुस्साए लोगों ने जाम किया सड़क

वाराणसी में बुधवार को डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने से सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने प्रतिमा को दोबारा लगाने की मांग की, साथ ही अराजकतत्वों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के गड़खरा गांव में मुख्य सड़क के किनारे लगी डॉ आंबेडकर की मूर्ति को शरारती तत्वों ने बीती रात तोड़ दिया था। इससे नाराज ग्रामीणों ने तीन घंटे प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर नारेबाजी की। इस दौरान एसडीएम मौके पर पहुंचे और समझाकर चक्का जाम समाप्त कराया। भोजूबीर-थानागद्दी मार्ग पर स्थित गड़खरा गांव में पंचायत भवन के पास ग्राम सभा की जमीन पर 24 वर्ष पहले डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। बुधवार को जब ग्रामीण सुबह टहलने निकलने तो आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की खबर अन्य लोगों को दी। उसके बाद ग्रामीण, कांग्रेस नेता राजू राम के नेतृत्व में सड़क पर उतर गए। इस दौरान वह भोजूबीर-थानागद्दी मार्ग पर चक्का जाम कर प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे। साथ ही अराजक तत्वों की गिरफ्तारी और नई मूर्ति लगाने मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम जयप्रकाश, एसपीआरए एमपी सिंह, इंस्पेक्टर सनवर अली और चौकी इंचार्ज एसबी सिंह ने उन मांगों के बाबत कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही नई मूर्ति लगाने का आश्वासन देकर साढ़े 10 बजे किसी तरह चक्का जाम समाप्त कराया।

बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
गंगा में डूबा घाटों का प्लेटफॉर्म

लगातार हो रही बारिश का असर अब पूर्वांचल में दिखने लगा है। देश की दूसरी नदियों की तरह अब गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ चंद कदम दूर हैं। फिलहाल के जलस्तर में ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। घाटों का संपर्क पहले ही टूट गया था। अब नावों के संचालन पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। वाराणसी में गंगा बुधवार की सुबह गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की मुख्य सीढ़ियों के साथ ही उसके बाहर बने प्लेटफार्म तक पहुंच गया था। बढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने 15 सितंबर तक के लिए नाव संचालन पर रोक लगा दी है। मंगलवार को सुबह आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक जलस्तर जहां प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा तो अपराह्न तीन बजे से सायं छह बजे तक वृद्धि की गति प्रति घंटे एक सेंटीमीटर हो गई थी, लेकिन सायं सात बजे से एक बार फिर पानी के बढ़ने की रफ्तार दो सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई थी। बढ़ती गंगा एक ओर शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों का स्पर्श करने को आतुर रहीं तो दूसरी ओर गंगा सेवा निधि कार्यालय के पास स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर को लगभग डूबो चुकी थीं। नाविकों को अपनी बड़ी-बड़ी नौकाएं मंदिर की दीवारों के सहारे बांधनी पड़ीं। वहीं, गंगा सेवा निधि को सातवीं बार गंगा आरती स्थल में बदलाव करना पड़ा।

गंगा के बढ़ाव का दिखने लगा साइड इफेक्ट
डीएम ने नाव संचालन पर लगाई रोक
लॉकडाउन से जूझ रहे नाविकों की और बढ़ी परेशानी

गंगा नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण नाव के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह रोक वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने लगाई है। पानी बढ़ जाने के कारण नदी में नाव का संचालन करना काफी कठिन है और लोगों की जान को इससे खतरा भी हो सकता है। इसलिए क्या फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक लगातार बारिश होने के कारण और नदी का जलस्तर बढ़ने कारण घाटों की सीढ़ियां फिसलन भरी हो गयी हैं। यह आम आदमी और गंगा नदी में नौका विहार करने वाले लोगों के लिए खतरा है। इसके कारण नाव पर सवार होने वाले लोगों के साथ दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। इसको देखते हुए 15 सितंबर 2020 तक गंगा नदी में नौका के संचालन पर रोक लगा दी गई है। वाराणसी में चेतावनी बिन्दु 70.26 मीटर पर है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर 65.29 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार को सुबह आठ बजे की तुलना में एक फुट ज्यादा रहा।

बनारस के बुनकरों ने दिया अल्टीमेटम
1 सितंबर से नही चलेगा पॉवरलूम
बिजली सब्सिडी खत्म होने से बुनकर नाराज

वाराणसी के बुनकरों ने यूपी सरकार से नाराज होकर पावरलूम बन्द करने का एलान किया है। ये पॉवरलूम अनिश्चितकाल के लिए बन्द किया जाएगा। दरअसल ये फैसला उत्तर प्रदेश के बुनकर सभा के प्रदेश संचालन समिति की बैठक के बाद हुआ। दरअसल कोरोना काल में बिजली सब्सिडी खत्म कर दिया है। इससे बुनकरों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के खिलाफ अब बुनकरों ने मोर्चा खोल दिया है। बुनकरों के मुताबिक यूपी सरकार के इस फैसले से बनारस के लाखों बुनकर और उत्तर प्रदेश में 15 लाख बुनकरों के परिवार प्रभावित होंगे। पॉवरलूम बंद होने से यूपी सरकार को लगभग 1000 करोड़ प्रति माह राजस्व घाटा होगा।

यूरिया की कमी पर डीएम ने की आपात बैठक
कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
यूरिया की कमी से किसानों को हो रही है दिक्कत

मानसून के सीजन में किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। जगह-जगह से यूरिया की किल्लत की खबरें सामने आ रही है। इस संबंध में विभिन्न माध्यमों से मिल ही शिकायतों को डीएम कौशल राज शर्मा ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को उन्होंने कैंप कार्यालय पर सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी एवं एआर कोऑपरेटिव से जनपद में किसानों को यूरिया कि कमी न होने पाये इसके लिए क्या-क्या उपाय किये गये, के संबंध में पूछाताछ भी की। साथ ही यूरिया की कालाबाजारी, मूल्य से अधिक दाम पर बेचने की शिकायतों तथा समितियों पर यूरिया की उपलब्धता न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कृषि अधिकारी एवं एआर कोऑपरेटिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

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