1 किलोवॉट के सोलर प्लांट पर मिलेगी 36,000 रुपये की सब्सिडी

घरों में सोलर पैनल लगाने पर राज्य सरकार सब्सिडी देगी। 1 किलोवॉट का सोलर पावर प्लांट लगाने पर राज्य सरकार की तरफ से 15,000 रुपये और केंद्र की तरफ से 21,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी अधिकतम 30,000 रुपये होगी। इस सब्सिडी के मिलने के बाद 1 किलोवॉट का जो खर्च करीब 70,000 रुपये आता है, वह आधा हो जाएगा।

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सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने नई सोलर नीति में इसका प्रावधान किया है। इसकी जानकारी बुधवार को अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री बृजेश पाठक ने दी। बृजेश पाठक के मुताबिक इस प्लांट से 25 साल तक उपभोक्ता को बिजली मिलती रहेगी।

रूफटॉप सोलर से 4,300 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

प्रदेश सरकार ने जो नई पॉलिसी बनाई है, उसमें रूफटॉप सोलर के जरिए 4,300 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बड़े पैमाने पर सरकारी दफ्तरों और मकानों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इस प्लांट के जरिए उत्पादित होने वाली बिजली को उपभोक्ता नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भी बेच सकता है। पॉलिसी में सोलर पार्क और बड़े पावर प्लांटों से 6,400 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बृजेश पाठक ने बताया कि सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को कई तरह की छूट भी दी जाएगी। सरकार ने पॉलिसी में कुल 10,700 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

10 किलोवॉट के रूफटॉप प्लांट पर नहीं लेनी होगी एनओसी

रूफटॉप सोलर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय से एनओसी लेने की प्रक्रिया को भी खत्म कर दिया है। अब 10 किलोवॉट तक के प्लांट पर कोई भी एनओसी नहीं लेनी होगी। इसके अलावा आवेदन की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा।

हर गांव, नगर निकाय में लगेंगे सोलर पैनल

मंत्री बृजेश पाठक ने सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, प्रधानों, सभासदों, नगर पंचायत अध्यक्षों को पत्र लिखकर सोलर की स्ट्रीट लाइट्स और दूसरे उपकरण लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को एक जनआंदोलन के जरिए प्रदेश के हर घर तक पहुंचाना है।

उद्योगों को 4 रुपये प्रति यूनिट पर मिलेगी बिजली

प्रदेश में जो भी बड़ी निजी कंपनियां और सरकारी संस्थान अपने यहां सोलर पावर प्लांट लगवाएंगे, उन्हें 4 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। जरूरी है कि वहां पर 100 किलोवॉट से ज्यादा की क्षमता का प्लांट लगवाया जाए। मंत्री बृजेश पाठक के मुताबिक प्रदेश की सरकारी बिल्डिंगों और बड़े निजी संस्थानों पर सोलर पावर प्लांट रिन्यूएबल सर्विस कंपनी (रिस्पो) लगाएगी।

बिजली उत्पादन होने की स्थिति में यह बिजली बेची भी जा सकेगी

इसके तहत निजी कंपनियां सोलर पावर प्लांट अपने खर्चे पर लगाएंगी, संस्था को सिर्फ अपनी जगह देनी होगी। इसके लिए इस प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली की खरीद के लिए प्रदेश सरकार और संस्था के बीच में एमओयू साइन होगा। इससे उत्पादित होने वाली बिजली उद्योगों में इस्तेमाल होगी। इस बिजली के लिए उन्हें 4 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। ज्यादा बिजली उत्पादन होने की स्थिति में यह बिजली बेची भी जा सकेगी।

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