सुदीक्षा की मौत : पिता की थी चाय की दुकान, 3.80 करोड़ की स्कॉलरशिप पाकर बेटी कर रही थी यूएस में पढ़ाई

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उत्तर प्रदेश में गुंडों-बदमाशों और अपराधियों को पुलिस या प्रशासन का कोई डर नहीं है। आए दिन ऐसी घटनाएं होती है जो इस बात को और पुख्ता करती है। ऐसी ही ही एक घटना बुलंदशहर में घटी है।

अमेरिका से बुलंदशहर अपने घर लौटी होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी की मनचलों की छेड़खानी से बचने के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई। सुदीक्षा के परिजनों के मुताबिक कोरोना के चलते सुदीक्षा अमेरिका से स्वदेश लौटी थी।

क्या है मामला-

सुदीक्षा आज अपने चाचा के साथ बाइक से अपने मामा से मिलने जा रही थी। इस दौरान रास्ते में बुलट मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक बाइक पर बैठी छात्रा से छेड़छाड़ करने लगे।

आरोप है कि इसी छेड़छाड़ के दौरान बुलट सवार युवक बार बार बाइक को ओवरटेक कर रहे थे। उसी दौरान मनचलों से बचने के चक्कर में सड़क हादसे में सुदीक्षा भाटी की मौत हो गयी।

अमेरिका में कर रही थी पढ़ाई-

गौतमबुद्धनगर के दादरी में रहने वाली सुदीक्षा भाटी ने पिछले साल इंटरमीडिएट में बुलंदशहर जनपद को टॉप किया था। उसने इंटर में 98 फीसदी अंक हासिल किए थे। इसके बाद सुदीक्षा ने अमेरिकी सरकार से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था।

एचसीएल से 3 करोड़ 80 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिलने के बाद सुदीक्षा भाटी 2018 में अमेरिका उच्च शिक्षा ग्रहण करने चली गई थी।

कोरोना वायरस के कारण सुदीक्षा 14 मार्च को अमेरिका से भारत आ गई थीं। तब से अपने घर पर ही थीं। 16 अगस्त को उन्हें वापस अमेरिका जाना था।

पिता की चाय की दुकान-

सुदीक्षा के पिता की चाय की दुकान थी। फिलहाल परचून की दुकान है। वही परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। सुदीक्षा की तीन बहन और दो भाई हैं। वह सबसे बड़ी थीं।

सभी को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर की जिम्मेदारी संभालेंगी। तीन साल की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुदीक्षा की मौत ने परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया।

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-Adv-

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