साहब मैं देर करता नहीं पत्नी के पैर दबाने और रोटी बनाने में हो जाती है देर

साहब… मेरी बीवी बीमार है उसका बदन दर्द करता है मैं उसके हाथ पैर दबाता हूं….और साहब जब रोटी बनाता हूं, जरा सी नजर हटती है तो जल जाती है… जली हुई रोटी देखकर मेरी बीवी मुझ पर बरस पड़ती है, इसलिए ऑफिस समय पर नहीं पहुंच पाता।

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ये बातें पढ़कर यकीनन आप किसी पति का दर्द समझ हंस पड़ेंगे। हंसी आए भी क्यों न। जिस प्रकार के शब्दों को प्रयोग किया गया किसी को भी पढ़कर हंसी आ जाएगी। और यही हंसी का पात्र बन रहे इस पत्र को सोशल मीडिया में जमकर शेयर किया जा रहा है।

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दरअसल, ये दर्द बयां किया है सहायक वाणिज्यिक कर आयुक्त कार्यालय के चित्रकूट के कर्वी में तैनात आशुलिपिक ने। रोज दफ्तर लेट आने पर कर्मचारी से स्पष्‍टीकरण मांगा गया था जिसमें कर्मचारी ने जिस तरह से लेटर लिखा है। सोशल मीडिया में जमकर शेयर किया जा रहा है।

समय पर ऑफिस न पहुंच पाने के कारण मांगा गया था स्पष्‍टीकरण

कर्मचारी के रोजाना लेट आने से नाराज अधिकारी ने कर्मचारी को नोटिस देकर लेट आने की वजह पूछी गई थी। इस मामले में स्पष्‍टीकरण मांगा गया था। इस मामले में कर्मचारी ने अधिकारी को जो स्पष्‍टीकरण दिया उसका अच्छा खासा मजाक बनाया जा रहा है। कर्मचारी ने लिखा है कि मेरी पत्नी की तबीयत खराब रहती है। खाना मुझे ही बनाना पड़ता है। पत्नी का बदन दर्द करता रहता है।

अगर जरा भी ध्यान भटकता है तो रोटी जल जाती है

उसके हाथ और पैर भी मुझे ही दबाना पड़ता है। इतना ही नहीं साहब  रोटी भी मुझे ही बनानी पड़ती है। अगर जरा भी ध्यान भटकता है तो रोटी जल जाती है, जली हुई रोटी देख मेरी पत्नी का पारा आसमान छू जाता है और मुझ पर बरस पड़ती है।

कल से थोड़ा और जल्दी आकर काम कर लूंगा

उसके गुस्से  से बचने के लिए मैं आजकल दलिया खाकर काम चला रहा हूं। इतना ही नहीं जिस सड़क से मैं आता हूं वो सड़क भी बहुत खराब है। अगर घर से पौने दस बजे तक निकलता हूं तो जाम में फंस जाता हूं और ऑफिस पहुंचने में देर हो जाती है। इसलिए कल से थोड़ा और जल्दी आकर काम कर लूंगा। बाकी साहब आप समझदार हैं।

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