Padmavati

‘पद्मावती’ पर उंगली उठाने से पीछे नहीं रहे शशि थरूर

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के आलोचकों की सख्या बढती ही जा रही है, वहीं अब कोई भी नेता इस आग में अपनी राजनीतिक खिचड़ी पकाने से पीछे हटते हुए नहीं दिख रहे है। पद्मावती फिल्म को अब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपना निशाना बना कर कहा कि फिल्म पर विवाद, राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक अच्छा मौका है। उन्होंने बोला की शिक्षा ‘घूंघट’ या सिर पर पर्दा करने से कही ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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ट्वीट में लिखा 

शशि थरूर ने अपने ट्वीट में लिखा, “‘पद्मावती’ विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है, न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का। राजस्थान की महिला साक्षरता दर सबसे कम है। शिक्षा ‘घूंघट’ से ज्यादा जरूरी है।”

फिल्म को लेकर राजनाथ सिंह को लिखा पत्र 

1 दिसंबर को ‘पद्मावती’ मूवी सभी सिनेमा हालो में रिलीज हो जाएगी। फिल्म में इतिहार के साथ छेड़छाड़ के विषय को लेकर कुछ समूह इसका विरोध करने में जुटे हैं। राजपूत घरानों का मुख्य दावा रूप से दावा कर रहे हैं कि ‘पद्मावती फिल्म इतिहास को बिगाड़ रही है और रानी पद्मावती का गलत चित्रण कर रही है। जबकि भंसाली ने इससे इनकार किया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र में केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) सलाहकार समिति के सदस्य और भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने कहा है कि भंसाली को ‘देशद्रोह’ के लिए दंडित किया जाना चाहिए।

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द इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) ने किया भंसाली का समर्थन

सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीजिंग करने से प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं सोमवार को कई फिल्म संघ को निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के समर्थन में आगे आए और फिल्म की रिलीज के खिलाफ राजपूत समूहों की ओर से मिलने वाली धमकियों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। द इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) के साथ ही सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सीआईएनटीएए), वेस्टर्न इंडिया सिनेमैटोग्राफर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूआईसीए), स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए), एसोसिएशन आफ सिने एंड टेलीविजन आर्ट डायरेक्टर्स एंड कास्ट्यूम डिजाइनर्स (एसीटीएडीसीडी) ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में भंसाली का समर्थन किया। वही फिल्म की खिलाफत करने वालो संघो ने बोला, की रिलीज होने के बाद होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार की होगी, फिल्म के विरोध की आग धीरे धीरे बढती ही नज़र आ रही है।

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