भारत-जापान की दोस्ती का प्रतीक ‘रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर’, जानें- क्या है इसकी खासियत

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आए हैं और उन्होंने सुबह 11. 27 बजे 1500 करोड़ की योजनाओं को जनता को समर्पित किया. लेकिन इन विकास परियोजनाओं में सबसे ज्यादा चर्चा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की हो रही है. तो आइए जानते हैं कि आखिर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर है क्या और क्यों है सबसे खास…

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रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर जापान और भारत के बीच दोस्ती का प्रतीक है. 2015 में तत्कालीन जापान के प्रधानंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी नींव रखी थी. यह शिवलिंग के आकार में बनाया गया है. इस डिजाइन को जापान की कंपनी ने तैयार किया है. जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से 5 वर्षों में ‘रुद्राक्ष’ का निर्माण पूरा हो गया है. यहां बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट, कांफ्रेंस, नाटक हो सकेंगे और प्रदर्शनियां भी लगेंगी. सेंटर में एक साथ 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है.

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की खासियत

  • 12 दिसंबर 2015 को इस कन्वेंशन सेंटर की नींव रखी गई थी.
  • 1200 लोगों के बैठने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाला हॉल है.
  • जरूरत पड़ने पर इस हॉल को दो हिस्सों में बांटा भी जा सकता है.
  • इसमें वियतनाम से आई कुर्सियां लगाई गई हैं और जापान का ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगा है.
  • कन्वेंशन सेंटर के बाहरी हिस्से में एल्युमिनियम से बने 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे हैं.
  • दिव्यांगों के लिए कन्वेंशन सेंटर के हॉल के मुख्य द्वारों पर व्हील चेयर की सुविधा है.
  • ब्रेल लिपि में गैलरी, सीढ़ी, लिफ्ट, शौचालय, फूड कोर्ट और हाल की जानकारी है.
  • कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 3 एकड़ यानी 13196 स्क्वायर मीटर जमीन में हुआ है.
  • यह अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर 186 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है.
  • कन्वेंशन सेंटर के बेसमेंट में 120 वाहनों के पार्किंग की सुविधा है.
  • जापानी शैली का गार्डन बनाया गया है और लैंडस्केपिंग की गई है.
  • कन्वेंशन सेंटर में 150 लोगों की क्षमता के 2 मीटिंग हॉल हैं.
  • इसमें एक वीआईपी कक्ष और 4 ग्रीन रूम भी बनाए गए हैं.
  • आग से बचाव के लिए अत्याधुनिक यंत्र लगाए गए हैं जो खुद बचाव करेंगे.
  • स्मोक और हीट डिटेक्टर के साथ ही 12 वॉटर कर्टेन लगे हैं.

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