कोरोना: दिल्ली-मुम्बई से आने वालों के लिए ग्रामीणों ने बंद किये ‘दरवाजे’

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वाराणसी। कोरोना का कहर अब हिंदुस्तान पर भी कहर बनकर टूट रहा है। शहरों के बाद अब गांवों में भी कोरोना ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंच रहे हैं, कोरोना का ग्राफ बढ़ रहा है। लिहाजा अब ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया है। गांव की सरहद में कोरोना ना घुसे, इसके लिए ग्रामीण सख्ती से कदम उठा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो शहरों की अपेक्षा गांवों में ज्यादा टाइट माहौल दिख रहा है।

प्रवासियों के लिए दरवाजे बंद

पूर्वान्चल के अधिकांश जिलों की एक बड़ी आबादी रोजगार के लिए मुम्बई, दिल्ली, सूरत और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक शहरों में रहती है। इन्हीं शहरों में कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस बीच देशभर में लॉकडाउन हुआ तो इसका सबसे ज्यादा असर यहां काम करने वाले कामगारों पर पड़ा। मुश्किलें बढ़ी तो कामगारों ने अपने घर का रुख किया। कुछ पैदल चल पड़े तो कुछ बाइक से और कुछ पुलिस की नजरों से बचते हुए किए तरह घर पहुंचना शुरू किए। हालांकि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के साथ ही अब गांवों में नई मसीबत भी दस्तक देने लगी है। प्रवासी मजदूरों के साथ कोरोना ने गांवों में दस्तक देनी शुरू हो गई है। ऐसे में कई गांवों में लोगों ने प्रवासी मजदूरों को नो इंट्री कहना शुरू कर दिया है।

गांव के बाहर स्कूल बन रहे क्वारन्टीन सेंटर

प्रवासी मजदूरों को लेकर ग्रामीण किसी तरह की मुरव्वत के मूड में नहीं है। प्रवासी मजदूरों के लिए गांव के बाहर क्वारन्टीन सेंटर बनाया गया है। प्रवासी मजदूर को क्वारन्टीन सेंटर में 14 दिन गुजारना अनिवार्य कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम थर्मल स्कैनिंग कर रही है। ग्राम प्रधान के साथ ग्रामीण सुबह-शाम निगरानी कर रहे हैं। जैसे ही किसी प्रवासी के घर लौटने की खबर मिलती है ग्रामीण सतर्क हो जाते हैं। आमतौर पर शहरों में इतनी सख्ती नह8न देखने को मिल रही है।

तेजी से बढ़ रहे हैं आंकड़ें

गांवों में कोरोना संक्रमण के आंकड़ें अब तेजी से बढ़ने लगे हैं। बनारस में पिछले 24 घंटे में प्रवासियों की वजह से 5 लोग संक्रमित हुए तो ग़ाज़ीपुर में ये संख्या 6 तक पहुंच गई। माना जा रहा है कि अगले एक हफ्ते में ये आंकड़ा और बढ़ेगा। फिलहाल हालात को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों के अलावा ग्राम पंचायत अधिकारी को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।

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-Adv-

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