अमीरी-गरीबी का भेद मिटाती है खादी : गहलोत

0 0

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि खादी अमीरी-गरीबी और जाति-धर्म का भेद मिटाती है और हम सबको खादी को बढ़ावा देने के लिए आगे आना चाहिए तथा युवा पीढ़ी को भी इससे जोड़ना चाहिए।

गहलोत गुरूवार को यहां खादी के वैश्वीकरण पर दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज गांवों में रोजगार कम हो रहे हैं और बुनकर व कातिनों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि ऐसी योजनाएं बनाई जाएं जिससे रोजगार भी बढ़े और बुनकरों-कातिनों की तादाद बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि नयी पीढ़ी को खादी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि गांधी जी की 150वीं जयन्ती वर्ष के कार्यक्रम प्रदेश में दो अक्टूबर, 2020 तक आयोजित किए जाने का उद्देश्य यही है कि गांधी जी के विचार जन-जन तक पहुंचे और युवा इनसे प्रेरणा ले सकें।

उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं बल्कि स्वाभिमान और सम्मान का कारण है। खादी को लेकर आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से खादी के प्रति नयी पीढ़ी में रूचि जागृत होगी और खादी को एक नयी पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में जो भी सुझाव आएंगे, राज्य सरकार उन पर अमल करने का पूरा प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार का एक बड़ा माध्यम होने के साथ ही महिला सशक्तीकरण का भी प्रमुख जरिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खादी एवं खादी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए खादी वस्त्रों पर राजस्थान में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खादी सीआईसी लंदन की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में खादी संस्थाओं से जुड़ी देश-विदेश की जानी-मानी हस्तियां, डिजाइनर व बुनकर उपस्थित थे।

Comments

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More