जलियांवाला बाग नरसंहार के लिये माफी मांगे ब्रिटेन सरकार!

जलियांवाला बाग नरसंहार की 100वीं बरसी पर पाकिस्तान ने मांग का समर्थन किया कि ब्रिटिश सरकार 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार और बंगाल के अकाल के लिये अवश्य माफी मांगे।

जलियांवाला बाग नरसंहार को लेकर ब्रिटेन सरकार के माफी मांगने की मांग का ट्विटर पर समर्थन करते हुए पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन कोहिनूर हीरा लाहौर संग्रहालय को अवश्य लौटाए।

पाकिस्तान सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा, ‘इस मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं कि ब्रिटिश साम्राज्य जलियांवाला बाग नरसंहार और बंगाल के अकाल के लिये पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश से माफी मांगे। ये त्रासदी ब्रिटेन के चेहरे पर धब्बा हैं। साथ ही कोहिनूर हीरा लाहौर संग्रहालय को अवश्य लौटाया जाए।’

ब्रिटेन ने बताया  ‘शर्मनाक धब्बा’-

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के जलियांवाला बाग नरसंहार को ब्रिटिश भारतीय इतिहास का ‘शर्मनाक धब्बा’ बताया था। इसके एक दिन बाद पाकिस्तानी मंत्री का यह बयान आया है।

हालांकि, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने औपचारिक तौर पर उस घटना के लिये माफी नहीं मांगी।

जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना अप्रैल 1919 में बैसाखी के दिन हुई थी, जब कर्नल आर डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश भारतीय सैनिकों ने स्वतंत्रता के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं थीं।

वहीं, 1943-44 में बंगाल में पड़े अकाल में तकरीबन 30 लाख लोगों की मौत हुई थी।

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