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छुट्टी न मिलने से परेशान सिपाही ने रो रो कर बयां किया दर्द

यूपी में आए दिन कोई ना कोई पुलिसकर्मी मौत को गले लगा रहे  है! इस पर यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी सिंह ने कहा था कि पुलिसकर्मियों पर बहुत ज्यादा दबाव है जो तनाव पैदा कर रहा है। डीजीपी ने कहा था कि अगर किसी जवान को छुट्टी चाहिए तो ऊपर के अधिकारी उसमें बाधा न डालें लेकिन कानपुर में एक खबर ऐसी आई है जिसके बाद आप यही कहेंगे कि यहां के इंस्पेक्टर पर डीजीपी के आदेश का कोई असर नहीं।

कानपुर के नौबस्ता में तैनात एक सिपाही ने इंस्पेक्टर से छुट्टी की गुजारिश की तो इंस्पेक्टर साहब ने उसको गाली देकर उसका फोन फेंककर तोड़ दिया। सिपाही ने मीडिया के सामने रो-रो कर अपना दुखड़ा सुनाया।

रो कर बयान किया दर्द

हम बात कर रहे हैं कानपुर जिले के नौबस्ता इलाके की। यहां तैनात सिपाही श्याम बाबू तिवारी के मुकदमे की 304 धारा के तहत 15 अक्टूबर को सुनवाई होनी है जिसके चलते सिपाही ने इंस्पेक्टर आर. के पचौरी से अवकाश की गुजारिश की लेकिन इंस्पेक्टर नहीं माने।

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फिर, सिपाही ने अपनी पत्नी से कहा कि इंस्पेक्टर साहब मुझे तो छुट्टी दे नहीं रहे हैं, आप ही बात करके देख लो, इतने में इंस्पेक्टर साहब को गुस्सा आ गया और उन्होंने सिपाही का फोन स्वीचऑफ करके मेज पर पटक दिया। फोन पटकने के बाद इंस्पेक्टर ने गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दी।

आदेश का कोई असर नहीं

सिपाही ने मीडिया के सामने रो-रो कर गुहार लगाई कि डीजीपी कहते हैं जवानों की छुट्टियां न रोकी जाएं, तो इंस्पेक्टर साहब मुझे छुट्टी क्यों नहीं दे रहे हैं। सिपाही ने आगे कहा कि उसकी पत्नी इटावा में अकेली है और मैं बहुत तनाव में हूं, मुझपर केस चल रहा है। मेरी बातों को समझा जाए और मुझे छुट्टी दी जाए। सिपाही ने कहा कि अगर मुझे छुट्टी नहीं दी गई तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।

एक बात नहीं समझ में आती है कि सिपाही दिन रात जाग कर देश की सेवा में लगे रहते है। इनकी न तो सैलरी इतनी होती है कि यह सही से खा और पहन पाते हैं। न इतना समय मिलता है कि अपने परिवार से मिल पाएं। अगर कोई इमरजेंसी आ जाती है तो इन्हें छुट्टी देने में हर्ज क्या है। वायरल वीडियो में सिपाही ने एक बहुत अच्छी बात कही है कि यह जो रोज-रोज पुलिसकर्मी आत्महत्या कर रहे है यह अत्याधिक तनाव की वजह से ही कर रहे है। आखिर इन सबकी जिम्मेदारी किसकी है?

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