भारत के इन कदमों से पस्त हो जाएगा पाक

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एलओसी पर पाकिस्तान के जवानों द्वारा किए गए कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय जवानों ने पाकिस्तान की दो चौकियों को तबाह करते हुए उसके 7 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। बता दें कि सोमवार को पाकिस्तान ने भारत के जवानों पर हमला बोला था। जिसके बाद देश में सर्जिकल स्ट्राइक दोबारा करने की मांग उठने लगी है। आपको बता दें कि अगर भारत चाहे तो पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग-थलग कर सकता है। आइए आपको बताते हैं भारत किन चीजों के जरिए पाकिस्तान को धूल चटा सकता है…

सीमा पर दीवार बनाकर

उरी हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 2018 तक पाकिस्तान से लगती सीमा को सील करने का ऐलान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि बॉर्डर पर कोई दीवार नहीं बनाई जाएगी। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई है कि पाकिस्तान बॉर्डर पर दीवार बनाने की। सरकार ने बॉर्डर के उन इलाकों में जहां फेंसिंग नहीं है और नदी और नाले हैं वहां पर इलेक्ट्रानिक सर्विलॉन्स लगाने के निर्देश दिए हैं।

जहां फेंसिंग हैं और ज्यादा खतरनाक एरिया है वहां से अगर आतंकी घुसपैठ करते हैं तो उसके लिए अंडर ग्राउंड सेंसर भी लगाए जाएंगे। नदी नालों के इलाके में लेज़र वाल होगी साथ ही इन्हीं इलाकों में अंडर ग्राउंड वाटर सेंसर लगाए जाएंगे। सीमा के आस-पास इलेक्ट्रो ऑप्टिक सेंसर लगाए जाएंगे। घुसपैठ रोकने के लिए माइक्रो एयरो स्टैट बैलून भी लगाया जाएगा।

पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करके

सरकार पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करके दुनिया में उसे अलग-थलग करने का अभियान चलाए। हाल में भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नेपाकिस्तान को परोक्ष युद्ध के लिए आतंकवाद के इस्तेमाल पर खरी-खोटी सुनाई थी।

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पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनकर

पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने के साथ-साथ भारत उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी छीन सकता है। इसका साथ ही पाकिस्तान के साथ व्यापार और वीजा पर रोक लगाकर भी उसे सबक सिखाया जा सकता है।

सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट-2 करके

उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक किया था. इस हमले में 50 से अधिक आतंकी और उनकी मदद को आए पाकिस्तान सैनिक मारे गए थे। अब मेंढर हमले के बाद पाकिस्तान में फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करने की मांग उठ रही है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को ऐलान किया कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पाकिस्तान को माकूल जवाब मिलेगा। जगह और समय सेना तय करेगी।

बलूचिस्तान के मुद्दे को हवा देकर

कश्मीर पर पाकिस्तान के परोक्ष युद्ध का जवाब भारत की ओर से बलूचिस्तान मामले पर हवा देकर दिया जा सकता है। इसके अलावा गिलगित-बालटिस्तान और पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ उठ रही आवाजों को समर्थन देकर भी पाकिस्तान को काबू में किया जा सकता है। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को बांग्लादेश खोना पड़ा था।

कश्मीरी पंडितों को फिर से कश्मीर घाटी में बसाकर

कश्मीर में पाकिस्तान की अलगाववादी कोशिशों को घाटी में कश्मीरी पंडितों को बसाकर विफल किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर की पीडीपी सरकार केंद्र की मोदी सरकार की कश्मीरी पंडितों के लिए अलग क़ॉलोनी बनाने की मांग का विरोध करती रही है। बात नहीं बनते देख केंद्र जम्मू-कश्मीर में गवर्नर रूल लगाकर कश्मीरी पंडितों के लिए परियोजनाओं पर काम कर सकता है।

 अलगाववादियों के खिलाफ सख्ती दिखाकर

पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे कश्मीर के अलगाववादी तत्वों के खिलाफ सरकार सख्ती दिखाकर पाकिस्तान के कश्मीर एजेंडे पर रोक लगा सकती है। सरकार ने पैलेट गन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान साफ भी कर दिया है कि देश में निष्ठा नहीं रखने वाले अलगाववादियों के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

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गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर फिर से तनाव है। सोमवार को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने मेंढर में मोर्टार दागे और शहीद हुए 2 भारतीय जवानों के शव के साथ बर्बरता की। पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने भारतीय सीमा में 250 मीटर घुसकर जवानों के शव को छत-विक्षत किया। इसके बाद इंडियन आर्मी को सरकार की ओर से खुली छूट दी गई और भारतीय सेना ने करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान की दो सीमा चौकियों को ध्वस्त कर दिया और 7 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया।

इससे पहले कुलगाम में आतंकी हमला हुआ, इसी हफ्ते कुपवाड़ा में सेना के बेस पर आतंकी हमला हुआ। कश्मीर में पाक-प्रायोजित पत्थरबाजी की घटनाओं में तेजी आती दिखी और आतंकियों के नए वीडियो से कश्मीर में दहशत फैलाने की कोशिश तेज होती दिखी।

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