भारत और चीन के बीच 12 घंटे तक चली बात, नहीं निकल सका कोई नतीजा

0 308

पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को हल करने के लिए भारत और चीनी सैन्य अधिकारियों के बीच 12 घंटे तक बातचीत चली। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। सुबह 10.30 बजे शुरू हुई बैठक मंगलवार रात के 11 बजे समाप्त हुई।

दोनों पक्षों के बीच यह बैठक चुशूल में हुई हालांकि मिली जानकारी के मुताबिक, इसका कोई प्रभावी नतीजा सामने निकलकर नहीं आया है। यह दोनों पक्षों के बीच हुई तीसरी बैठक है। कॉर्प कमांडर स्तर पर पिछली दो बैठकें 6 जून और 22 जून को हुई थीं।

मंगलवार को इस बैठक का आयोजन भारत की तरफ चुशूल में किया गया जबकि पहले की दो बैठकें चीन की तरफ मोल्डो में हुई थी। सूत्र के मुताबिक, मौजूदा गतिरोध के दौरान सभी विवादास्पद क्षेत्रों में स्थिति को स्थिर करने की दिशा में चचार्एं हुईं।

इस बात पर बनीं आपसी सहमति-

India, China military-level talks end on positive trajectory.

चीन पैंगॉन्ग स्तो में वापस लौटने के लिए तैयार हो गया था, लेकिन वह गए नहीं। भारत ने फिंगर 8 पर वास्तविक नियंत्रण रेखा का दावा किया और चीनी फिंगर 4 और 5 प्वॉइंट एस के बीच बैठे हैं। देपसंग और देमचोक में इसी तरह की भिन्नता है।

22 जून को भी बातचीत लगभग 11 घंटे तक चली और दोनों पक्षों के बीच एक आपसी सहमति भी बनी। भारतीय सेना ने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में सभी विवादास्पद क्षेत्रों से पीछे हटने की बात पर चर्चा की गई थी।

बैठक में जहां भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, वहीं चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिला के मेजर जनरल लियु लिन ने किया। इस दौरान गलवान घाटी पर हुए हमले पर भी बात की गई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं।

यह भी पढ़ें: भारत-चीन तनाव : राहुल ने उठाएं सवाल, ‘अब चुप क्यों हैं PM’ !

यह भी पढ़ें: भारत-चीन की सेनाएं भिड़ीं, एक अफसर समेत दो जवान शहीद

-Adv-

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। अगर आप हेलो एप्पडेलीहंट या शेयरचैट इस्तेमाल करते हैं तो हमसे जुड़ें।)

Comments

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More