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मायावती से लेकर राहुल गांधी को RSS ने भेजा बुलावा

आरएसएस ने अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए देश भर की करीब 3,000 हस्तियों को आमंत्रित किया है। इन लोगों में तमाम राजनीतिक विचारधाराओं, सामाजिक और धार्मिक समूहों, अल्पसंख्यक नेताओं समेत रिटायर्ड नौकरशाह भी शामिल होंगे।

17 से 19 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस चीफ मोहन भागवत इन सभी लोगों से संवाद करेंगे। संघ के सूत्रों ने बताया कि आमंत्रित लोगों में क्षेत्रीय दलों समेत सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल हैं।

800 से 1000 लोगों तक की उपस्थिति होगी

आरएसएस सूत्रों ने बताया कि ‘भविष्य का भारत: संघ की दृष्टि’ कार्यक्रम में कांग्रेस चीफ राहुल गांधी और पार्टी के लोकसभा में लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे को आमंत्रित किया गया है। यही नहीं अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू समेत तमाम क्षेत्रीय क्षत्रपों को भी आमंत्रित किया गया है। संघ को उम्मीद है कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन 800 से 1000 लोगों तक की उपस्थिति होगी।

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सूत्रों के मुताबिक आरएसएस ने न्योता भेजने के लिए उन लोगों की सूची तैयार की है, जो पहले भी संघ के किसी कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं। संघ का कहना है कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन इसलिए किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी विचारधारा से परिचित कराया जा सके। संघ के एक सीनियर लीडर ने कहा, ‘हम आमंत्रित लोगों की पहचान उजागर नहीं कर रहे हैं ताकि किसी के कार्यक्रम में न आने पर उन्हें लेकर कोई विवाद न हो सके। अब तक मिले फीडबैक के मुताबिक संघ प्रमुख के कार्यक्रम में ज्यादातर आमंत्रित लोगों ने उपस्थित रहने की बात कही है।’

संघ को लेकर बने तमाम मिथकों को तोड़ा जा सकेगा

विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर संघ के एक सीनियर लीडर ने कहा, ‘हम अलग-अलग धर्मों के लोगों को बुलाने जा रहे हैं। हम किसी को भी अलग नहीं रखना चाहते। इन लेक्चर्स के जरिए संघ को लेकर बने तमाम मिथकों को तोड़ा जा सकेगा।’ कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे सूत्रों ने बताया कि भागवत इस आयोजन में हिंदुत्व, संघ के कामकाज और समकालीन मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे।

हिंदुत्व इस देश को कैसे एक रख सकता है

आरएसएस के एक सीनियर लीडर ने कहा कि संघ प्रमुख अपने लेक्चर में यह विषय रखेंगे कि हिंदुत्व इस देश को कैसे एक रख सकता है। इसके अलावा राष्ट्रवाद, महिला सशक्तिकरण, जाति, जम्मू-कश्मीर और नैशनल रजिस्टर फॉर सिटिजंस जैसे मुद्दों पर भी वह अपनी बात रखेंगे। साभार

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