हड़ताल के बाद डॉक्टरों का इस्तीफा, कहा – ऐसे माहौल में नहीं कर पाएंगे काम

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल अब पूरे देश में फैल चुकी है। देश के कई इलाकों में स्वास्थ्य सेवा पर बड़ा असर पड़ रहा है। कुछ डॉक्टरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं ममता बनर्जी से नाराज कुछ डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

डाक्टरों ने की राज्यपाल से मुलाकात-

आज डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन है। बंगाल के डॉक्टरों ने राज्यपाल से मिलकर मुख्यमंत्री के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था, ‘मैं हड़ताल पर गए डॉक्टरों की निंदा करती हूं। पुलिसवाले ड्यूटी करते हुए शहीद हो जाते हैं लेकिन पुलिस हड़ताल पर नहीं जाती।’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों को दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था लेकिन डॉक्टरों ने उनका यह निर्देश नहीं माना। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला-

दरअसल कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी। बुर्जुग के परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और डॉक्टरों की पिटाई कर दी।

आरोप है कि करीब 200 लोग ट्रकों में भरकर आए और अस्पताल पर हमला कर दिया। इस हमले में दो जूनियर डॉक्टर बुरी तरह से घायल हो गए।

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