लापरवाही से फटा था NTPC प्लांट का बॉयलर, लाइसेंस निरस्त

एनटीपीसी का दिलदहला देने वाले हादसें में इधर उधर छिटके पड़ी लाशें। वो मंजर रुह कपा देने वाला  था, शायद ही कोई भूला हो। आज उस हादसे  में पड़ताल के बाद लापरवाही की घटना सामने आई है। एक्शन लेते हुए  बॉयलर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। ऊंचाहार (रायबरेली) एनटीपीसी में बॉयलर फटने की प्राथमिक जांच बॉयलर निदेशक ने पूरी कर श्रमायुक्त को सौंप दी है। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद एनटीपीसी के बॉयलर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।

पाइप चोक हो गए जिससे बॉयलर फट गया

बॉयलर निदेशक ने नए बॉयलर का लाइसेंस 26 दिसंबर 2017 के लिए जारी किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि बॉयलर के पास 23 मीटर ऊंचाई तक राख का ढेर लगा था और क्लिंकर के एयर हारपर यानी पाइप चोक हो गए जिससे बॉयलर फट गया।

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श्रमायुक्त पीके महान्ति ने बताया कि बॉयलर निदेशक ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। अब विशेषज्ञों की टीम से फिर से जांच कराई जाएगी। अगले हफ्ते फिर से जांच होने के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसे राज्य सरकार को दिया जाएगा।

उप निदेशक जगमोहन अपनी टीम के साथ जांच कर रहे थे

अभी हादसे की साफ तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। श्रमायुक्त के निर्देश पर कई दिनों तक एनपीटीसी के प्लांट में श्रम विभाग के अधीन बॉयलर निदेशक आरके पूर्वे और उप निदेशक जगमोहन अपनी टीम के साथ जांच कर रहे थे।

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जांच रिपोर्ट में बॉयलर यूनिट 23 मीटर ऊंची ऐश के ढेर पर हैरानी जताई गई है क्योंकि इस ढेर को हटाए बिना बॉयलर को चलाया जा रहा था। जबकि ऐश का ढेर तीन मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। रिपोर्ट में 23 मीटर ऊंची ऐश को सात मंजिला इमारत की साइज से तुलना की गई है इसलिए यूनिट में हीट का दबाव सामान्य तौर पर बन रहा था।

बॉयलर निदेशक कार्यालय ने इसकी पुष्टि कर दी है

साथ ही श्रमिकों से पेंट और इंसुलेशन का काम कराया जा रहा था। बॉयलर निदेशक टीम ने जांच रिपोर्ट देकर अभियोजन दर्ज करने की संस्तुति की है। साथ ही लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। बॉयलर निदेशक कार्यालय ने इसकी पुष्टि कर दी है। श्रम विभाग ने प्लांट में बॉयलर हादसे की फिर से जांच कराने की सिफारिश की है जिस पर बुधवार से श्रम विभाग विशेषज्ञों की टीम के साथ फिर से जांच करेगा। टीम में एनटीपीसी से अलग कंपनी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

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