अखिलेश मायावती का ‘गठबंधन’ नही ‘ठगबंधन’ है : भाजपा

आगामी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों पर हमले का दौर जारी है। बुधवार को जहां एक तरफ नेताओं ने राजधानी में सपा कार्यालय के बाहर होर्डिंग लगाया कि हमारे पास गठबंधन और भाजपा के पास सीबीआई। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया में मजाकियां तरीके तस्वीर शेयर की है।

तस्वीर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और एक शैतान की तस्वीर शेयर की गई है। जिसमें एक शैतान की भी है जिसे भ्रष्टाचार का नाम दिया गया है। पोस्ट पर लिखा है कि ये है भ्रष्टाचारियों का ठगबंधन। इतना ही नहीं मायावती अखिलेश से कहती नजर आ रही हैं घबराओं नहीं बबुआ भ्रष्टाचार हमारे भी कम नही हैं।

SP HOARDING ON CBI

हमारे पास गठबंधन है और भाजपा के पास सीबीआई

सपा कार्यालय में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और मायावती के पोस्टर लगाए गए हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर होर्डिग लगाई गई हैं। ये पोस्टर और होर्डिंग छात्रसभा की तरफ से लगाए गए हैं।होर्डिंग सुल्तानपुर छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपू श्रीवास्तव ने लगाए हैं। इस होर्डिग में लिखा है कि हमारे पास गठबंधन है और भाजपा के पास सीबीआई। साथ ही लिखा है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। वहीं होर्डिंग के ऊपर डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित कई लोगों की फोटो लगी है। होर्डिंग को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

कांग्रेस का भी है ये प्लान

तो वहीं, लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को अलग रखते हुए सपा-बसपा गठबंधन कर नरेंद्र मोदी मोदी को मात देने की कवायद में हैं। ऐसे में कांग्रेस ने प्लान-बी पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी एक तरफ जहां शिवपाल यादव के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है, वहीं दूसरी तरफ चिन्हित लोकसभा सीटों पर समानांतर तैयारी भी शुरू कर दी है।

कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए इमरान मसूद को जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों की मानें तो इस काम में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद भी कांग्रेस का साथ देंगे। चंद्रशेखर हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं और दलितों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। पश्चिमी यूपी में कांग्रेस दलित-मुसलमान और किसान का समीकरण बनाकर 2019 के सियासी जंग फतह करना चाहती है।

मीडिया से बातचीत में बताया कि पहली कोशिश है कि कांग्रेस पार्टी सपा-बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अकेले चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम यूपी में मेरठ और सहारनपुर मंडल की 8 लोकसभा सीटों में 7 सीटें चिन्हित की हैं जिन पर वह दलित-मुसलमान और किसान के समीकरण पर काम कर रहे हैं।

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