वाराणसी सहित चार हवाई अड्डों का होगा निजीकरण

AAI की पहल पर वाराणसी, अमृतसर, इंदौर व रायपुर हवाई अड्डों के निजीकरण पर विचार

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार AAI की पहल पर वाराणसी, अमृतसर, इंदौर व रायपुर हवाई अड्डों का निजीकरण करने पर विचार कर रही है। AAI इस बाबत प्रस्ताव भेज चुकी है।

AAI ने सिफारिश पहले ही की है

ज्ञात हो कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, इंदौर, रायपुर और त्रिची (तिरुच्चिराप्पल्ली) हवाई अड्डों के निजीकरण की केंद्र से सिफारिश पहले ही की है। केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत परिचालन , प्रबंधन और विकास के लिए पहले ही लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी में हवाई अड्डों का निजीकरण कर दिया है।

निदेशक मंडल की बैठक

एक सीनियर अधिकारी ने बताया, “इस साल फरवरी में छह हवाई अड्डों का निजीकरण किया जा चुका है। AAI ने पांच सितंबर को निदेशक मंडल की बैठक में छह और हवाई अड्डों का प्राइवेटाइजेशन करने का फैसला किया है। इनमें अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, इंदौर, रायपुर और त्रिची शामिल हैं।” अधिकारी ने कहा, “निदेशक मंडल के फैसला लेने के बाद नागर विमानन मंत्रालय को सिफारिश भेज दी गयी है।”

अडानी समूह को छह का मिला ठेका

उल्लेखनीय है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण AAI देशभर में 100 से ज्यादा हवाई अड्डों का परिचालन करता है। इस साल फरवरी में निजीकरण के पहले दौर में अडाणी समूह को सभी 6 हवाई अड्डों के परिचालन का ठेका मिला था। AAI ने विजेता का चुनाव ‘प्रति यात्री शुल्क’ के आधार पर किया था।

मेट्रो शहरों के बीच 33.3 प्रतिशत उड़ानें

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने एक मेट्रो से दूसरी मेट्रो सिटी के लिए 33.3 प्रतिशत यानी एक तिहाई उड़ानों को इजाजत दी है। पुरी ने बताया कि कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर सामाजिक दूरी समेत तमाम तरह की सावधानियां बरती जाएंगी। हवाई अड्डे के अंदर, विमान के अंदर और हवाई अड्डे से गंतव्य तक जाने के लिए एहतियात के तौर पर प्रोटोकॉल बनाए गए हैं।

उड़ान मार्ग 7 वर्गों में विभाजित

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को कहा कि उड़ानों के मार्गों (फ्लाइट रूट्स) को गंतव्य तक पहुंचने के समय के अनुसार सात वर्गों में विभाजित किया गया है। पुरी ने बताया कि पहला रूट 40 मिनट से कम की उड़ान के लिए, जबकि दूसरा रूप 40 से 60 मिनट की उड़ान के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तीसरा रूट 60 से 90 मिनट की उड़ान, चौथा 90 से 120 मिनट की उड़ान, पांचवां 120 से 150 मिनट की उड़ान, छठा 150 से 180 मिनट की उड़ान और सातवां रूट 180 से 210 मिनट की उड़ान के लिए निर्धारित किया गया है। पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

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