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अकबर उर्फ रकबर खान की एक फोटो

…तो क्या भीड़ से नही पुलिस की मार से हुई अकबर की मौत?

राजस्थान के अलवर में गौ-तस्करी के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिए गए मामले में अब तक 4 पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस बीच अकबर उर्फ रकबर खान की एक फोटो सामने आई है। इसमें रकबर पुलिस की वैन में बैठा है और जिंदा है। उसकी आंखें बंद हैं। चेहरे पर बाएं तरफ कुछ चोट के निशान भी देखे जा सकते हैं।

जब पुलिस रकबर को ले जा रही थी

एक समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक, रकबर की ये फोटो विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता नवल किशोर ने तब ली थी, जब पुलिस रकबर को ले जा रही थी। कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि रकबर को इस वीएचपी नेता ने ही पुलिस को सौंपा था।

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अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अलवर मॉब लिंचिग को लेकर हाल ही में बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि गौ-तस्करी के शक में अकबर खान उर्फ रकबर की मौत भीड़ की पिटाई से नहीं, बल्कि पुलिस की मार से हुई।

आरोपी की गोविंदगढ़ मोड़ पर पिटाई की

ज्ञानदेव आहूजा ने दावा किया था, ‘मुझे विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि रामगढ़ थाना पुलिस ने पहले आरोपी की गोविंदगढ़ मोड़ पर पिटाई की। फिर थाने लाकर भी खूब मारा।’ विधायक के मुताबिक, ‘पुलिस रकबर को देर रात एक बजे थाने लेकर आई थी और फिर तीन घंटे तक उसकी जमकर पिटाई की। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो सुबह करीब 4 बजे उसे अस्पताल लेकर गई, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

ये है पूरा मामला

अलवर में कुछ कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार रात रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह गाय लेकर जा रहा था, इसलिए उसे गौ-तस्कर माना गया था। राहुल गांधी ने इस मामले में ट्विटर पर न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि अलवर में पुलिस ने मॉब लिंचिंग के शिकार रकबर खान को 6 किमी दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगाए, क्यों? उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक भी लिया। यह मोदी का क्रूर ‘न्यू इंडिया’ है, जहां मानवता की जगह नफरत ने ले ली है और लोगों को कुचला जा रहा है, मरने के लिए छोड़ा जा रहा है।साभार

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